यह फैली हुई रात्रि की चाँदनी नहीं है (दुःखदायिनी) धूप है। मुझे श्रीराम के बिना (समस्त) जगत जलता-सा लगता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बरवै रामायण के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बरवै रामायण के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।