क्व प्रमाता प्रमाणं वा क्व प्रमेयं क्व च प्रमा।
क्व किंचित् क्व न किंचिद् वा सर्वदा विमलस्य मे॥
विशुद्ध मुझमें कौन ज्ञाता है और क्या प्रमाण (साक्ष्य) है, क्या ज्ञेय है और क्या ज्ञान, क्या स्वल्प है और क्या सर्व।
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