क्व माया क्व च संसारः क्व प्रीतिर्विरतिः क्व वा।
क्व जीवः क्व च तद्ब्रह्म सर्वदा विमलस्य मे॥
सदा विशुद्ध मेरे लिया क्या माया है और क्या संसार, क्या प्री ति है और क्या विरति, क्या जीव है और क्या वह ब्रह्म।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
अष्टावक्र गीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
अष्टावक्र गीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।