सारी प्रजा काम-क्रोध आदि के प्रवाह में पड़कर बही जा रही है; परंतु आप उधर से उदासीन-जैसे जान पड़ते हैं तथा धर्म, अर्थ एवं काम-सम्बन्धी कार्यों के प्रति भी निश्चेष्ट से दिखायी देते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आजगरगीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
आजगरगीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।