प्रह्लाद बोले - ब्रह्मन्! आप स्वस्थ, शक्तिमान्, मृदु, जितेन्द्रिय, कर्मारम्भ से दूर रहने वाले, दूसरों के दोषों पर दृष्टि न डालने वाले, सुन्दर और मधुर वचन बोलने वाले, निर्भीक, प्रतिभाशाली, मेधावी तथा तत्त्वज्ञ होकर भी बालकों के समान विचर रहे हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आजगरगीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
आजगरगीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।