भीष्मजी कहते हैं - राजन्! जो महापुरुष राग, भय, लोभ, मोह और क्रोध को त्यागकर इस आजगर व्रत का पालन करता है, वह इस लोक में सानन्द विचरण करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आजगरगीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
आजगरगीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।