इस प्रकार सारे प्राणियों को मैं मृत्यु के पाश में बद्ध देखता हूँ; इसलिये तत्त्व को जानकर कृतकृत्य हो सबके प्रति समान भाव रखता हुआ सुख से सोता हूँ।
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