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आजगरगीता • अध्याय 1 • श्लोक 16
अन्तरिक्षचराणां च दानवोत्तम पक्षिणाम् । उत्तिष्ठते यथाकालं मृत्युर्बलवतामपि ॥
दानवश्रेष्ठ! आकाश में विचरने वाले बलवान् पक्षियों के समक्ष भी यथासमय मृत्यु आ पहुँचती है।
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