जलजानामपि ह्यन्तं पर्यायेणोपलक्षये ।
महतामपि कायानां सूक्ष्माणां च महोदधौ ॥
महासागर के जल में पैदा होने वाले विशाल शरीर वाले तिमि आदि मत्स्यों तथा छोटे-छोटे कीड़ों का भी मैं बारी-बारी से विनाश होता देखता हूँ।
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