यह जो हृदय है और मन है — यही (आत्मा के साधन) हैं।
संज्ञान, अज्ञान, विज्ञान, प्रज्ञान, मेधा (बुद्धि), दृष्टि, धृति (धारण-शक्ति), मति, मनीषा (गंभीर विचार-शक्ति), जूति (प्रेरणा/तेज), स्मृति, संकल्प, क्रतु (निश्चय), असु (प्राण), काम और वश (इच्छा/नियंत्रण) — ये सभी वास्तव में प्रज्ञान (चेतना) के ही नाम हैं।
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