वे देवता जो इस प्रकार उत्पन्न हुए थे, वे उस महान् अर्णव(सृष्टि-समुद्र) में गिर पड़े और भूख तथा प्यास से पीड़ित हो गए।
तब उन्होंने उस (पुरुष/प्रजापति) से कहा—
“हमारे लिए कोई ऐसा आश्रय बताइए जिसमें हम स्थित होकर अन्न का भोग कर सकें।”
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