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अद्वयतारक • अध्याय 1 • श्लोक 2
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
हमारे, अधिभौतिक, अधिदैविक तथा आध्यात्मिक तापों (दुखों) की शांति हो।
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