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अद्वयतारक • अध्याय 1 • श्लोक 18
गुशब्दस्त्वन्धकारः स्यात् रुशब्दस्तन्निरोधकः । अन्धकारनिरोधित्वात् गुरुरित्यभिधीयते ॥
'गु' अक्षर का अर्थ है - अन्धकार एवं ‘रु’ अक्षर का अर्थ है - अन्धकार को रोकने में समर्थ। अन्धकार (अज्ञान) को दूर करने वाला ही गुरु कहलाता है।
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