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आत्मबोध • अध्याय 2 • श्लोक 18
घटावभासको भानुर्घटनाशे न नश्यति । देहावभासकः साक्षी देहनाशे न नश्यति ॥
जैसे घट (घड़े) को प्रकाश देने वाला सूर्य घड़े के नष्ट होने से स्वयं नष्ट नहीं हो जाता, वैसे ही शरीर को प्रकाश देने वाला साक्षी-परमात्मा, शरीर के नष्ट होने पर भी नष्ट नहीं होता।
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