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अध्यात्म • अध्याय 1 • श्लोक 62
परिपूर्णमनाद्यन्तमप्रमेयमविक्रियम्। सद्धनं चिद्धनं नित्यानन्दधनमव्ययम्॥
वस्तुतः परिपूर्ण, आदि-अन्तरहित, अप्रमेय, विकाररहित, सद्मन्, चिद्धन, नित्य् आनन्दयन्
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