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अध्यात्म • अध्याय 1 • श्लोक 6
निद्राया लोकवार्तायाः शब्दादेरात्मविस्मृतेः । कचित्रावसरं दत्त्वा चिन्तयात्मानमात्मनि ॥
निद्रा, लोकवार्ता, शब्दादि विषयों तथा आत्म विस्मृति का कभी अवसर न आने देकर आत्मा में आत्मा का चिन्तन करना चाहिए।
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