मातलि:--
क्षरभर मे चिरञ्जीवी (आप) अपने अधिकार वाली भूमि पर रहेंगे (अर्थात् अपने राज्य में पहुंच जाएंगे)।
राजा:--
( नीचे देखकर) वेग से उतरने के कारण मनुष्य-लोक आश्चर्यजनक दृश्य वाला दिखायी पड़ रहा है । क्योकि पृथ्वी ऊपर की ओर उठते हुये (उभरते हुये) पर्वतों के शिखर से मानो नीचे उतर रही है । वृक्ष तनों के प्रकट होने (दिखायी पड़ने) के कारण (मानो) पत्तों के भीतर छिपना छोड़ रहे हैं । कृशता (क्षीणता) के कारण जलविहीन सी दिखायी पड़ने वाली नदियाँ विस्तार के कारण (मानो) प्रकट हो रही हैं । देखिये, ऐसा मालूम पड़ता है कि भूमण्डल मानो किसी के द्वारा उछालकर मेरे पास लाया जा रहा है ।
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