मातलि:--
चिरञ्जीवी, आप कौन सी वस्तु देवेन्द्र से नहीं प्राप्त कर सकते ? देखिये इस समय (अर्थात् वर्तमान काल में) झुकी हुई गांठो वाले आप के बाणों और प्राचीन काल मे उंगलियों के जोड़ पर मुड़े हुए नरसिंह (भगवान्) के नाखूनों के द्वारा, (इस प्रकार) इन (बाणों और नाखुनों) दोनों के द्वारा सुखोपभोगासक्त इन्द्र के स्वर्ग को दावनवरूपी काँटों से रहित कर दिया गया ।
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