तुम (यहीं) ठहरो, हम लोग जा रहे हैं ।
राजा:--
हे तपस्वी, क्यो (इन) आदरणीय को धोखा दे रहे हो । चन्द्रमा कुमुदो को ही और सूर्य कमलो को ही विकसित करता है । क्योकि जितेन्द्रिय लोगों की मनोवृति परस्त्री के सम्पर्क से विमुख (होती है) ।
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