सत्-चित् स्वरूप, नित्य और सर्वव्यापक विष्णु(परब्रह्म) में ही यह समस्त विविध व्यक्तियाँ कल्पित हैं, जैसे स्वर्ण में कंगन आदि अनेक आभूषण कल्पित होते हैं।
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