मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
आत्मबोध • अध्याय 1 • श्लोक 9
सच्चिदात्मन्यनुस्यूते नित्ये विष्णौ प्रकल्पिताः। व्यक्तयो विविधाः सर्वा हाटके कटकादिवत्।।
सत्-चित् स्वरूप, नित्य और सर्वव्यापक विष्णु (परब्रह्म) में ही यह समस्त विविध व्यक्तियाँ कल्पित हैं, जैसे स्वर्ण में कंगन आदि अनेक आभूषण कल्पित होते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आत्मबोध के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

आत्मबोध के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें