उस ब्रह्म को जानो जो अस्तित्व-ज्ञान-आनंद-परम है, जो अद्वैत, अनंत, शाश्वत और एक है और जो ऊपर और नीचे सभी तिमाहियों को भरता है और वह सब जो बीच में मौजूद है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आत्मबोध के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।