मोहरूपी सागर को पार करके तथा राग-द्वेष आदि राक्षसों का नाश करके, शान्ति से युक्त योगी अपने आत्मस्वरूप में स्थित होकर विराजमान रहता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आत्मबोध के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।