बुद्धिमान साधक को चाहिए कि वह समस्त दृश्य जगत को आत्मा में ही लीन करके, एकाग्र चित्त से निर्मल आकाश के समान सदा एकमात्र आत्मा का ही ध्यान करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आत्मबोध के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।