एकांत स्थान में बैठकर, मन को इच्छाओं से मुक्त करके और इन्द्रियों को वश में करते हुए, उस आत्मा पर अविचल ध्यान से ध्यान लगाओ, जो एक पल रहित है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
आत्मबोध के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।