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आत्मबोध • अध्याय 1 • श्लोक 2
बोधोऽन्यसाधनेभ्यो हि साक्षान्मोक्षैकसाधनम्। पाकस्य वह्निवज्ज्ञानं विना मोक्षो न सिध्यति।।
जिस प्रकार अग्नि भोजन पकाने का प्रत्यक्ष कारण है, उसी प्रकार ज्ञान के बिना मुक्ति नहीं हो सकती। साधना के अन्य सभी रूपों की तुलना में आत्मा का ज्ञान ही मुक्ति का प्रत्यक्ष साधन है।
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