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वज्रसूचिक Book Cover

वज्रसूचिक

यह उपनिषद् सामवेद से सम्बद्ध है। इसमें कुल ९ मन्त्र हैं। सर्वप्रथम चारों वर्णों में से ब्राह्मण की प्रधानता का उल्लेख किया गया तथा ब्राह्मण कौन है, इसके लिए कई प्रश्न किये गये हैं।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 1
शास्त्र परिचय
यह उपनिषद् सामवेद से सम्बद्ध है। इसमें कुल ९ मन्त्र हैं। सर्वप्रथम चारों वर्णों में से ब्राह्मण की प्रधानता का उल्लेख किया गया तथा ब्राह्मण कौन है, इसके लिए कई प्रश्न किये गये। क्या ब्राह्मण जीव है? शरीर है, जाति है, ज्ञान है, कर्म है या धार्मिकता है? इन सब सम्भावनाओं का निरसन कोई न कोई कारण बताकर कर दिया गया, अन्त में 'ब्राह्मण' की परिभाषा बताते हुए उपनिषद्‌कार कहते हैं कि जो समस्त दोषों से रहित, अद्वितीय, आत्मतत्त्व से सम्यूक्त है, वह ब्राह्मण है। चूंकि आत्मतत्त्व सत्, चित्, आनन्द रूप ब्रह्म भाव से युक्त होता है, इसलिए इस ब्रह्म भाव से सम्पन्न मनुष्य को ही (सच्चा) ब्राह्मण कहा जा सकता है।
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