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त्रिपुरा Book Cover

त्रिपुरा

त्रिपुरा उपनिषद, एक मध्यकालीन युग का उपनिषद है, विशेष रूप से एक शाक्त उपनिषद, और यह अथर्ववेद से जुड़ा हुआ है, जो देवी और तंत्र-संबंधी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 1
शास्त्र परिचय
त्रिपुरा उपनिषद, एक मध्यकालीन युग का संस्कृत ग्रंथ, हिंदू धर्म का एक छोटा उपनिषद है, विशेष रूप से एक शाक्त उपनिषद, और यह अथर्ववेद से जुड़ा हुआ है, जो देवी और तंत्र-संबंधी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है। यहाँ एक अधिक विस्तृत विवरण दिया गया है: यह क्या है: त्रिपुरा उपनिषद शाक्त परंपरा के भीतर एक अपेक्षाकृत छोटा उपनिषद है, जो दिव्य स्त्री (शक्ति) पर केंद्रित है। वर्गीकरण: इसे आठ शाक्त उपनिषदों में से एक के रूप में वर्गीकृत किया गया है और यह अथर्ववेद से जुड़ा हुआ है। विषयवस्तु: उपनिषद श्री चक्र या श्री यंत्र की संरचना और ध्यान की खोज करता है, जो एक केंद्रीय बिंदु से निकलने वाले नौ परस्पर जुड़े त्रिकोणों के माध्यम से ब्रह्मांड का एक आरेखीय प्रतिनिधित्व है। अन्य नाम: इसे त्रिपुरातापिनी उपनिषद के नाम से भी जाना जाता है। महत्व: यह हिंदू धर्म के भीतर एक उल्लेखनीय ग्रंथ है, विशेष रूप से देवी पूजा और तांत्रिक प्रथाओं में रुचि रखने वालों के लिए।
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