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शिवभारतम् Book Cover

शिवभारतम्

श्री शिवभारत की रचना छत्रपति शिवाजी महाराज के दरबारी कवि कविन्द्र परमानंद गोविंद नेवास्कर ने महाड़ के पास पोलादपुर में शिवाजी महाराज के आदेश पर संस्कृत में की थी। इसमें शिवाजी के प्रारंभिक जीवन और उनकी सभी ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी दी गई है। यह शिवाजी महाराज के इतिहास के लिए एक बहुत ही प्रामाणिक अध्ययन सामग्री है।
ग्रंथकार: कविंद्र परमानंद नेवासकर
अध्याय: 32
शास्त्र परिचय
प्राक्कथन श्री शिवभारत से मेरा परिचय स्वर्गीय सुमन्त टेकड़े ने करवाया था। नियति देखिए कि उनका असमय अवसान हो गया। छत्रपति शिवाजी राजे की जीवनी श्री शिवभारत को पढ़ते ही मुझे आश्चर्य हुआ कि इस मूल संस्कृत ग्रंथ का मराठी अनुवाद 1927 में ही हो पाया मूल रचना के लगभग २५० वर्ष बाद। इस से भी अधिक आश्चर्य मुझे तब हुआ जब गहन शोध के पश्चात मुझे ज्ञात हुआ कि हिंदी में इसके अनुवाद का प्रयास हुआ ही नहीं। कवीन्द्र परमानन्द छत्रपति शिवाजी महाराज के समकालीन थे। ऐसा कहा जाता है कि संभवतः वे शिवाजी राजे के मित्र भी थे। वैसे इस ग्रन्थ में उनका स्वयं का परिचय भी विस्तार पूर्वक दिया हुआ है। इस ग्रन्थ से परिचय होते ही मेरे मन में उत्कंठा जागी कि इस ग्रंथ से हिंदी भाषियों का परिचय कराया जाना भी अत्यावश्यक है। इस इच्छा को मूर्त रूप देने के लिए विनय कृष्ण चतुर्वेदी 'तुफ़ैल' जी ने सत्यकाम जी से परिचय कराया और इस समग्र उद्योग का फल आपके समक्ष इस हिंदी अनुवाद के रूप में प्रस्तुत है। इस अनुवाद में मराठी अनुवाद की लम्बी प्रस्तावना उपयोग में नहीं लाई गई है। अनुवाद संरल हिंदी में है, जो कवींद्र परमानंद की सरल संस्कृत के अनुरूप ही है। इसमें कुल 32 अध्याय हैं। मैं इस पुस्तक को स्वर्गीय सुमंत तेकड़े को समर्पित करता हूं जिनकी प्रेरणा से इसका निर्माण संभव हुआ। - संजय दीक्षित thejaipurdialogues.com
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