जयसिंगास पत्र
जयसिंह खुद को राम का वंशज मानता था। उसने युद्ध में जीत हासिल करने के लिए एक सहस्त्र चंडी यज्ञ भी कराया। शिवाजी को इसकी खबर मिल गयी थी जब उन्हें पता चला की औरंगजेब हिन्दुओं को हिन्दुओं से लड़ाना चाहता है। जिस से दोनों तरफ से हिन्दू ही मरेंगे। तब छत्रपती शिवाजी महाराज ने जयसिंह को समझाने के लिए यह पत्र भेजा था।
ग्रंथकार: शिवाजी
अध्याय: 1