निरालम्ब
निरालम्बोपनिषद शुक्ल यजुर्वेदीय शाखा से संबंधित एक प्रमुख और ज्ञानवर्धक उपनिषद है। यह उपनिषद मुख्य रूप से दार्शनिक शब्दावली के रूप में कार्य करता है, जिसमें अध्यात्म और वेदांत की २९ आधारभूत अवधारणाओं को प्रश्नोत्तर के माध्यम से अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप से समझाया गया है।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 1