मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मंकिगीता Book Cover

मंकिगीता

इसमें मङ्कि नामक एक प्राचीन मुनि का रोचक एवं शिक्षाप्रद आख्यान वर्णित है, जिसके माध्यम से कामना, विशेषकर धन की तृष्णा को ही सभी दुःखों का मूल तथा कामना के त्याग को ही सुख का हेतु बताया गया है।
ग्रंथकार: व्यास
अध्याय: 1
शास्त्र परिचय
मङ्किगीता महाभारत के शान्तिपर्व के अन्तर्गत भीष्म-युधिष्ठिर-संवाद के क्रम में प्राप्त होती है। इसमें मङ्कि नामक एक प्राचीन मुनि का रोचक एवं शिक्षाप्रद आख्यान वर्णित है, जिसके माध्यम से कामना, विशेषकर धन की तृष्णा को ही सभी दुःखों का मूल तथा कामना के त्याग को ही सुख का हेतु बताया गया है। विषय के प्रतिपादन में दृष्टान्त के अतिरिक्त बहुत-से सबल तर्क भी उपस्थित किये गये हैं। यह मङ्किगीता यहाँ सानुवाद प्रस्तुत की जा रही है।
ऐप में अध्ययन करें
शाश्वत आध्यात्मिक ज्ञान में आत्मनिवेशन करें

पवित्र शास्त्र

प्रामाणिक आध्यात्मिक शिक्षाओं तक पहुँचें

श्लोक व्याख्या

गहन बोध हेतु सुव्यवस्थित व्याख्याएँ पढ़ें

ऑफ़लाइन पढ़ें

कभी भी, कहीं भी अन्वेषण करें
“जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब मैं स्वयं प्रकट होता हूँ”
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें