मैत्रायण्य
मैत्रायण्युपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध एक महत्वपूर्ण दार्शनिक उपनिषद् है, जिसमें आत्मा, ब्रह्म, मन, प्राण, योग और मोक्ष के गूढ़ सिद्धान्तों का विस्तृत विवेचन किया गया है। संवादात्मक शैली में प्रस्तुत यह ग्रन्थ संसार की अनित्यता और विषयासक्ति से उत्पन्न दुःख का विश्लेषण करते हुए साधक को आत्मज्ञान की ओर मार्गदर्शन देता है।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 5