इसमें भगवान् श्रीकृष्ण ने कामप्रोक्त एक प्राचीन गाथा का वर्णन किया है, जिसमें बाह्य पदार्थो के त्याग के स्थान पर उनमें ममत्व के त्याग को ही वास्तविक त्याग बताया गया है, जो महान् भय से छुटकारा दिलाने वाला है।
महाभारत के आश्वगेधिक पर्व के अन्तर्गत भगवान् श्रीकृष्ण और धर्मराज युधिष्टिर-संवाद के रूप में कामगीता प्राप्त है। इसमें भगवान् श्रीकृष्ण ने कामप्रोक्त एक प्राचीन गाथा का वर्णन किया है, जिसमें बाह्य पदार्थो के त्याग के स्थान पर उनमें ममत्व के त्याग को ही वास्तविक त्याग बताया गया है, जो महान् भय से छुटकारा दिलाने वाला है। अत्यन्त लघु कलेवरवाली यह कामगीता यहाँ सानुवाद प्रस्तुत की जा रही है।
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