दुर्गासप्तशती
शाक्त शास्त्र वे धार्मिक ग्रंथ हैं जो देवी या शक्ति को परम सत्ता मानते हुए उनकी महिमा, तत्त्वज्ञान, उपासना-पद्धति और साधना का वर्णन करते हैं। इन ग्रंथों में देवी को सृष्टि की मूल शक्ति और जगत की अधिष्ठात्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
ग्रंथकार: मार्कण्डेय
अध्याय: 16