छान्दोग्य
यह उपनिषद ब्रह्मज्ञान के लिये प्रसिद्ध है। संन्यासप्रधान इस उपनिषद् का विषय अपाप, जरा-मृत्यु-शोकरहित, विजिधित्स, पिपासारहित, सत्यकाम, सत्यसंकल्प आत्मा की खोज तथा सम्यक् ज्ञान है जो 8-7-1 में उल्लिखित इन्द्र को दिए गए प्रजापति के उपदेश में उल्लिखित है।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 8