अष्टाङ्गहृदयम्
अष्टांगहृदय में आयुर्वेद के सम्पूर्ण विषय - कायचिकित्सा, शल्यचिकित्सा, शालाक्य आदि आठों अंगों का वर्णन है। उन्होंने अपने ग्रन्थ के विषय में स्वयं ही कहा है कि, यह ग्रन्थ शरीर रूपी आयुर्वेद के हृदय के समान है।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 1