मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
आश्रम Book Cover

आश्रम

यह उपनिषद् बड़ी ही महत्त्वपूर्ण है। यह अथर्ववेद से सम्बद्ध है। इसमें आश्रम व्यवस्था-ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास, इन चारों आश्रमों के विभिन्न पक्षों एवं उनके अनुशासनों का संक्षिप्त वर्णन किया गया है। चार कण्डिकाएँ चारों आश्रमों से सम्बन्धित हैं।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 1
शास्त्र परिचय
यह उपनिषद् बड़ी ही महत्त्वपूर्ण है। यह अथर्ववेद से सम्बद्ध है। इसमें आश्रम व्यवस्था-ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास, इन चारों आश्रमों के विभिन्न पक्षों एवं उनके अनुशासनों का संक्षिप्त वर्णन किया गया है। चार कण्डिकाएँ चारों आश्रमों से सम्बन्धित हैं।
ऐप में अध्ययन करें
शाश्वत आध्यात्मिक ज्ञान में आत्मनिवेशन करें

पवित्र शास्त्र

प्रामाणिक आध्यात्मिक शिक्षाओं तक पहुँचें

श्लोक व्याख्या

गहन बोध हेतु सुव्यवस्थित व्याख्याएँ पढ़ें

ऑफ़लाइन पढ़ें

कभी भी, कहीं भी अन्वेषण करें
“जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब मैं स्वयं प्रकट होता हूँ”
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें