मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
आजगरगीता Book Cover

आजगरगीता

आजगरगीता में एक विरक्त अवधूत द्वारा राजा प्रह्लाद को दिये गये उपदेशों का वर्णन है। यह प्रकरण महाभारत के शान्तिपर्व में भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को दिये गये उपदेशों के मध्य आया है।
ग्रंथकार: व्यास
अध्याय: 1
शास्त्र परिचय
आजगरगीता में एक विरक्त अवधूत द्वारा राजा प्रह्लाद को दिये गये उपदेशों का वर्णन है। यह प्रकरण महाभारत के शान्तिपर्व में भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को दिये गये उपदेशों के मध्य आया है। यह गीता न केवल विरक्त संन्यासियों के लिये उपयोगी है, अपितु उन वृद्धजनों के लिये भी विशेष उपयोगी है, जो प्रायः अपने सभी पारिवारिक दायित्वों को पूर्ण कर चुके हैं तथा शेष जीवन सुख-शान्ति से बिताना चाहते हैं। सुविधाओं तथा अभावों में सम रहने की प्रेरणा देने वाली यह गीता सानुवाद यहाँ प्रस्तुत की जा रही है।
ऐप में अध्ययन करें
शाश्वत आध्यात्मिक ज्ञान में आत्मनिवेशन करें

पवित्र शास्त्र

प्रामाणिक आध्यात्मिक शिक्षाओं तक पहुँचें

श्लोक व्याख्या

गहन बोध हेतु सुव्यवस्थित व्याख्याएँ पढ़ें

ऑफ़लाइन पढ़ें

कभी भी, कहीं भी अन्वेषण करें
“जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब मैं स्वयं प्रकट होता हूँ”
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें