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ऐतरेय Book Cover

ऐतरेय

ऐतरेय उपनिषद तीन दार्शनिक विषयों पर चर्चा करता है: पहला, कि संसार और मनुष्य आत्मा (सार्वभौमिक स्व) की रचना है; दूसरा, यह सिद्धांत कि आत्मा तीन बार जन्म लेती है; तीसरा, चेतना ही आत्मा का सार है।
ग्रंथकार: ज्ञात नहीं
अध्याय: 5
शास्त्र परिचय
ऐतरेय उपनिषद एक मुख्य उपनिषद है, जो ऋग्वेद से सम्बंधित है। इसमें ऐतरेय आरण्यक की दूसरी पुस्तक के चौथे, पांचवें और छठे अध्याय शामिल हैं, जो ऋग्वैदिक पाठ की चार परतों में से एक है। ऐतरेय उपनिषद तीन दार्शनिक विषयों पर चर्चा करता है: पहला, कि संसार और मनुष्य आत्मा (सार्वभौमिक स्व) की रचना है; दूसरा, यह सिद्धांत कि आत्मा तीन बार जन्म लेती है; तीसरा, चेतना ही आत्मा का सार है।
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